जौनपुर: किसानों के लिए जी का जंजाल बना मौसम

जौनपुर: किसानों के लिए जी का जंजाल बना मौसम

जौनपुर। मौसम के बदले मिजाज के देखकर ​बारिश की उम्मीद लगाये बैठे किसानों की आस पूरी तो नहीं हुई बल्कि उनकी फजीहत बढ़ गयी है। तिलहनी फसलों में माहू तो दलहनी में फली भेदक कीट का प्रकोप बढ़ गया है। वहीं गलन ने लोगों का घर से निकलना मुश्किल कर दिया है। इतने के बाद भी अब तक अलाव की व्यवस्था नहीं की गयी है। शहरी क्षेत्र में इसे लेकर लोगों में आक्रोश भी है।
       बता दें कि जिले में पिछले एक हफ्ते से मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है। दो दिन की रिमझिम बरसात के बाद हल्की धूप निकली तो लगा शायद मौसम साफ हो जायेगा लेकिन दिन ढलने के बाद फिर बदली भरा मौसम हो गया। रविवार को तेज गलन बढ़ गयी। तेज हवा और गलन ने लोगों की दिनचर्या को बिगाड़ कर रख दिया है। खासतौर पर रिक्शा चालक व स्टेशन आदि पर ठेला खोमचा लगाने वाले जो रात को खुलेआममान के नीचे जीवन बिताते है।
          उनके लिए रात गुजारनी मुश्किल हो गयी है। इतनी कड़कड़ाती ठंड के बाद भी न तो शहर में अलाव की व्यवस्था है और ना ही गांव में। हर साल तहसील प्रशासन द्वारा चट्टी चैराहों पर अलाव जलवाया जाता था। मौसम का असर खेती पर भी पड़ रहा है। मटर, अरहर, चना की फसल में कीट लगने लगे है।
      वहीं सरसो में माहू का प्रकोप शुरू हो गया है। इससे उत्पादन प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। बरसात के बाद धूप न होने के कारण आलू की फसल खेतों में सड़ रही है। वैसे ठंड गेंहू की फसल के लिए फायदेमंद मानी जा रही है। ठंड गेहूं के बेहतर उत्पादन के लिए जरूरी है। लेकिन यदि मौसम साफ नहीं हुआ तो दलहनी और तिलहनी फसलों पर कीट का प्रकोप बढ़ेगा। किसानों को चाहिए कि वे समय रहते कीट प्रबंधन करे।