जौनपुर: पर्यावरण के लिए संवेदनशील होना होगा

जौनपुर: पर्यावरण के लिए संवेदनशील होना होगा

गेंद को हवा मेंरोककर जड़त्व और गुरुत्वाकर्षण को समझाया

इंस्पायर साइंसकैम्प में भौतिकी, जीवविज्ञान भूगर्भविज्ञान के टिप्स दिए गए

जौनपुर। वीर बहादुरसिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में इंस्पायर साइंस कैम्प के तीसरे दिन बुधवार को प्रथम सत्र में भौतिकी, जीव विज्ञान तथा भूगर्भ विज्ञान के बारे में विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिया।

 काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के भूगर्भ विभाग के प्रो. बी. पी.सिंह ने विद्यार्थियों को भूगर्भ विज्ञान और उससे सम्बंधित विभिन्न जटिल प्राकृतिक घटनाओं की सरल भाषा मे समझाया। प्रतिभागियों को  ब्रम्हांड के गूढ़ रहस्यों को समझाया. कहा कि भूकंप आने के दो कारण हैं ज्वालामुखी और पृथ्वी की प्लेटों का अपघर्षण होना। उन्होंने इंडियन प्लेट का उदाहरण देते हुए हुए कहा कि यह प्लेट पांच सेंटीमीटर की दर से उत्तरीय तरफ बढ़रही है जो कि हिमालयीय क्षेत्रों में आने वाले भूकंप का मुख्य कारण है. उन्होंने कहा कि उद्योगों से कार्बन का उत्सर्जन पर्यावरण के लिए सबसे अधिक खतरनाक है. पर्यावरण के लिए समाज के हर व्यक्ति को संवेदनशील होना.

पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ के प्रो मनमोहन सिंह, ने विद्यार्थियों के बीच दैनिक जीवन मेहोने वाले विभिन्न घटनाओं को प्रयोगों के माध्यम से बहुत सरल भाषा मे समझाया। प्रोसिंह ने गुब्बारे को फूलाकर बरनौली सिद्धांत पर विद्यार्थियों को सरल ढंग सेसमझाया। उन्होंने बोतल में पानी डालकर लेजर लाइट के  माध्यम से इंद्रधनुष के सिद्धांत  को बताया। इसी तरह गेंद को हवा में रोककर जड़त्व, गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत को रोचकपूर्णढंग से बताया।

केद्रीय विद्यालय, लखनऊ के शिक्षक सुशील कुमार ने विभिन्नजटिल जैविक प्रक्रियाओं को रोचक तरीके से प्रयोग करके दिखाया।

दूसरे सत्र में  छात्र- छात्राओं ने विश्वविद्यालय परिसरस्थित रसायन विभाग, रज्जू भइया संस्थान, विज्ञान संकाय, फार्मेसी संस्थान व इंजीनिरिंग संकाय कीविभिन्न प्रयोगशालाओं का भ्रमण किया तथा विज्ञान के क्षेत्र विभिन्न विषयों में होरहे शोध से भी परिचित हुए। प्रतिभाग कर रहे विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रयोगों कोविशेषज्ञों की उपस्थिति में खुद से करके देखा और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। आयोजनसमिति के डा. मनीष गुप्ता ने बताया कि 30 जनवरी को  भूगर्भ विभाग, रसायन विज्ञान के विशेषज्ञअपनी बात को प्रायोगिक तरीके से रखेंगे।