जौनपुर: अब रजिस्ट्री करानी है तो आरटीजीएस, डीडी अथवा चेक से करना होगा पेमेंट, नहीं तो होगी बड़ी परेशानी

जौनपुर: अब रजिस्ट्री करानी है तो आरटीजीएस, डीडी अथवा चेक से करना होगा पेमेंट, नहीं तो होगी बड़ी परेशानी

जौनपुर। चल अचल संपत्तियों की रजिस्ट्री में भ्रष्टाचार कम करने तथा लोगों के साथ हो रहे फ्राड को रोकने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला किया है। अब अचल संपत्ति के क्रय-विक्रय में 20 हजार से अधिक कैश का लेन-देन मान्य नहीं होगा। 20 हजार से उपर की धनराशि आनलाइन ट्रांजेक्शन आरटीजीएस, डीडी या चेक से ही मान्य होगी। रुपए के लेन-देन का विवरण बैनामे में लिखित रूप से दस्तावेजी साक्ष्य के साथ उल्लेख किया जाएगा जो लोग इन शर्तो का पालन नहीं करगें वे भूमि का क्रय विक्रय नहीं कर सकेंगे। आयकर अधिनियम 1961 की धारा 269 एसएस में अचल संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में 20 हजार से अधिक की धनराशि के लेन-देन पर प्रतिबंध लगाया गया है। प्रदेश के सभी रजिस्ट्री कार्यालय को निर्देशित किया गया है कि 30 लाख या उससे ऊपर के बैनामे में आयकर विभाग को विवरण उपलब्ध कराना होगा। यदि आयकर विभाग को विवरण उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो 500 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। 10 लाख से ऊपर में नियम 114 के तहत लेन-देन या मालियत में क्रेता-विक्रेता का पैन नंबर उपलब्ध कराना अनिवार्य है। पैन कार्ड न होने की दशा में फार्म-60 ऑनलाइन भरने की व्यवस्था बनाई गई है। पालन न करने पर संबंधित रजिस्ट्रार पर जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है। ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से जमीन खरीदने-बेचने की व्यवस्था का मकसद काले धन पर रोक लगाना, भ्रष्टाचार को रोकना है। क्रेता-विक्रेता यदि बैनामे में 20 हजार से ज्यादा नकद का लेन-देन करते हैं तो वह निषिद्ध माना गया है। अगर अधिकारी के स्तर पर नियम की अनदेखी अथवा लापरवाही होती है तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।